घोड़ी पर चढ़ने से पहले मुझ पर चढ़ गया दूल्हा
मेरा नाम कविता है। उम्र बत्तीस साल। लोग मुझे “चाची” कहकर बुलाते हैं। असल में मैं अनन्या की सगी चाची नहीं हूँ। अनन्या मेरी बहुत पुरानी सहेली की बेटी है। सहेली के निधन के बाद मैंने अनन्या को अपनी बेटी…
मेरा नाम कविता है। उम्र बत्तीस साल। लोग मुझे “चाची” कहकर बुलाते हैं। असल में मैं अनन्या की सगी चाची नहीं हूँ। अनन्या मेरी बहुत पुरानी सहेली की बेटी है। सहेली के निधन के बाद मैंने अनन्या को अपनी बेटी…